नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि चीन के प्रति उसका रुख नरम है, जिससे देश के उद्योग, खासकर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को नुकसान हो रहा है और व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पार्टी के नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि चीन की कंपनियों को भारत की बिजली परियोजनाओं के टेंडर में भाग लेने की अनुमति दी गई है।

कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार का चीन के सामने झुकने का सिलसिला जारी है, जिससे देश के उद्योगों को बड़ा नुकसान हो रहा है, खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को।

पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। उस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत सरकार ने चीन की उन चार बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनियों को अहम सरकारी बिजली परियोजनाओं के टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति दी है, जिनकी फैक्ट्रियां भारत में हैं।

अपने पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा, “मोदी सरकार का चीन के सामने सोच-समझकर झुकने का सिलसिला जारी है। इसी समय भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे देश के उद्योगों का बड़ा नुकसान हो रहा है, खासकर एमएसएमई का।”

उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की उकसाने वाली गतिविधियां लगातार जारी हैं।

रमेश ने दावा किया कि मेडोग (तिब्बत के दूरदराज क्षेत्र का एक जिला) में दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना का निर्माण जारी है।