कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम में इस सीजन भी रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेले जाएंगे। स्टेडियम के करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का काम शुरू होने में अभी तीन से चार महीने का समय लग सकता है। इसे देखते हुए यूपीसीए ने उत्तर प्रदेश के तीनों घरेलू रणजी मुकाबलों की मेजबानी ग्रीनपार्क को सौंपने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के एकमात्र टेस्ट सेंटर ग्रीनपार्क स्टेडियम में इस सीजन रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेले जाएंगे। स्टेडियम के कायाकल्प की करीब 350 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू होने के आसार फिलहाल तीन से चार महीने बाद के हैं। ऐसे में यूपीसीए ने इस सीजन के तीनों घरेलू रणजी मुकाबले ग्रीनपार्क में कराने का लगभग निर्णय ले लिया है।
नई डिजाइन और डीपीआर के लिए टेंडर
प्रदेश सरकार ने 14 सितंबर को ग्रीनपार्क स्टेडियम की नई डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट नियुक्त करने का टेंडर जारी किया है। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
इसके बाद चयनित एजेंसी स्टेडियम की नए सिरे से डिजाइन तैयार कर डीपीआर बनाएगी। डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
अगले साल जनवरी-फरवरी से पहले निर्माण की संभावना कम
जानकारों के मुताबिक ग्रीनपार्क में वास्तविक निर्माण कार्य अगले वर्ष जनवरी-फरवरी से पहले शुरू होने की संभावना कम है। इसी को देखते हुए यूपीसीए ने इस सत्र में ग्रीनपार्क में निर्धारित तीनों रणजी मुकाबले कराने की तैयारी कर ली है।
यूपीसीए के एक अधिकारी के मुताबिक निर्माण कार्य शुरू होने में अभी पर्याप्त समय है, इसलिए रणजी मैचों के आयोजन में कोई बाधा नहीं है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
