नई दिल्ली, एजेंसी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए फारस की खाड़ी में भारतीय नाविकों पर हुए हमलों और पीओके में जारी प्रदर्शनों को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारत लगातार होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सुरक्षित नौवहन, जहाजों की निर्बाध आवाजाही और व्यापार जारी रखने की अपील करता है। उन्होंने कहा कि यह पूरी दुनिया के लोगों की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय नाविक की मौत के मामले पर जायसवाल ने कहा कि भारत ने ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब करने के बाद इस मुद्दे पर बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि भारत ने ईरानी पक्ष के सामने अपनी गहरी चिंता जताई और घटना की कड़ी निंदा की। इस घटना में भारत ने एक नागरिक को खोया है और कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने इस मामले में ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट किया है कि ऐसे हमलों को जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तनाव कम करने की आवश्यकता है और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर आकर संवाद व कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता कायम रह सके। फारस की खाड़ी में हुए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित भारतीय नाविक हुए हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा कि फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों और नाविकों से जुड़ी पूरी जानकारी इस समय उनके पास उपलब्ध नहीं है, लेकिन उन्होंने बताया कि जिन दो जहाजों पर हमला हुआ, उनमें कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। एक जहाज पर 12 लोग सवार थे, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि दूसरे जहाज पर 18 भारतीय नाविक थे, जिनमें से 9 गंभीर रूप से घायल हुए हैं और इनमें से 2 की हालत बेहद गंभीर है।
