राजनाथ सिंह का बयान
ऑपरेशन विजय सिर्फ सैन्य जीत नहीं, साहस और देशभक्ति का अध्याय था।

नई दिल्ली, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध की 27वीं वर्षगांठ पर ‘ऑपरेशन विजय’ को केवल सैन्य जीत नहीं, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और देशभक्ति का अध्याय बताया। उन्होंने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय सैनिकों के अटूट जज्बे, बलिदान और राष्ट्र के सम्मान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को समर्पित है तथा युवाओं को शहीदों की विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि आज का अवसर केवल मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाने का नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों को नमन करने का है, जिन्होंने भारत के सम्मान, गौरव और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि वह उस संकल्प को नमन करने आए हैं, जो अमर शहीदों की स्मृतियों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने का संदेश देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘शौर्य विजय यात्रा’ का नाम ही प्रेरणादायक है और इसका ध्येय वाक्य ‘एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम’ अभियान की भावना को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है। कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों की वीरता को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर, जहां सांस लेना कठिन होता है, ऑक्सीजन का स्तर कम होता है और तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता है, वहां भी भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। जहां प्रकृति ने रास्ता रोक दिया था, वहां हमारे जवानों ने अपने अदम्य साहस से इतिहास में नया मार्ग बनाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन विजय ऐसा अध्याय है, जिसका अध्ययन दुनिया भर की सेनाएं करती हैं और सम्मान की दृष्टि से देखती हैं। राजनाथ सिंह ने बताया कि यह अभियान 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसकी शुरुआत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से होगी और यह चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख से होते हुए 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल दूरी तय करने की यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास, बलिदान और देशभक्ति से जुड़ने का अभियान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कारगिल में मिली विजय भारत के अपनी भूमि, पहचान और सम्मान की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है।नई दिल्ली, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध की 27वीं वर्षगांठ पर ‘ऑपरेशन विजय’ को केवल सैन्य जीत नहीं, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और देशभक्ति का अध्याय बताया। उन्होंने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय सैनिकों के अटूट जज्बे, बलिदान और राष्ट्र के सम्मान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को समर्पित है तथा युवाओं को शहीदों की विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि आज का अवसर केवल मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाने का नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों को नमन करने का है, जिन्होंने भारत के सम्मान, गौरव और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि वह उस संकल्प को नमन करने आए हैं, जो अमर शहीदों की स्मृतियों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने का संदेश देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘शौर्य विजय यात्रा’ का नाम ही प्रेरणादायक है और इसका ध्येय वाक्य ‘एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम’ अभियान की भावना को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है। कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों की वीरता को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर, जहां सांस लेना कठिन होता है, ऑक्सीजन का स्तर कम होता है और तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता है, वहां भी भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। जहां प्रकृति ने रास्ता रोक दिया था, वहां हमारे जवानों ने अपने अदम्य साहस से इतिहास में नया मार्ग बनाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन विजय ऐसा अध्याय है, जिसका अध्ययन दुनिया भर की सेनाएं करती हैं और सम्मान की दृष्टि से देखती हैं। राजनाथ सिंह ने बताया कि यह अभियान 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसकी शुरुआत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से होगी और यह चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख से होते हुए 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल दूरी तय करने की यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास, बलिदान और देशभक्ति से जुड़ने का अभियान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कारगिल में मिली विजय भारत के अपनी भूमि, पहचान और सम्मान की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है।