नई दिल्ली, एजेंसी। याचिकाओं को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों की जांच संबंधित हाईकोर्ट को करनी चाहिए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे, ने कहा कि हर मामले में विवादित तथ्य शामिल हैं, जिनकी विस्तार से जांच की जरूरत है।

इसलिए यह तय करने के लिए कि क्या शीर्ष अदालत द्वारा तय किए गए सुरक्षा उपायों का उल्लंघन हुआ है, हाईकोर्ट ही सही मंच है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बुलडोजर से कथित तौर पर “मनमाने” ढंग से की गई तोड़फोड़ के खिलाफ अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए साफ कहा कि हालांकि वह बुलडोजर कार्रवाई पर पूरी तरह रोक नहीं लगा सकता, लेकिन लोगों को सजा देने के लिए चुनिंदा लोगों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें आरोप लगाया गया था कि अधिकारियों ने नवंबर 2024 के उसके अहम निर्देशों का उल्लंघन किया है।

याचिकाओं को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों की जांच संबंधित हाईकोर्ट को करनी चाहिए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे, ने कहा कि हर मामले में विवादित तथ्य शामिल हैं, जिनकी विस्तार से जांच की जरूरत है।

इसलिए यह तय करने के लिए कि क्या शीर्ष अदालत द्वारा तय किए गए सुरक्षा उपायों का उल्लंघन हुआ है, हाईकोर्ट ही सही मंच है।