अर्ली मोबिलाइजेशन से घटा रिकवरी टाइम, मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार
कानपुर। जटिल सर्जरी के बाद मरीजों को जल्द सामान्य जीवन में लौटाने में फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हैलट, कार्डियोलॉजी और जेके कैंसर अस्पताल में सर्जरी के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में फिजियोथेरेपी शुरू की जा रही है। इससे मरीजों के स्वस्थ होने की प्रक्रिया तेज हो रही है और लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने से होने वाली परेशानियों का खतरा भी कम हो रहा है।
सड़क दुर्घटना में सिर में गंभीर चोट लगने के बाद बर्रा निवासी 45 वर्षीय मरीज की हैलट सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में आपातकालीन न्यूरोसर्जरी की गई। सर्जरी के बाद लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से शरीर में घाव और सुन्नपन होने का खतरा था। ऐसे में फिजिकल मेडिसिन एवं पुनर्वास विभाग की टीम ने सर्जरी के तीसरे दिन से ही बिस्तर पर फिजियोथेरेपी शुरू कर दी।
नियमित रूप से सांस संबंधी व्यायाम और शरीर को खींचने वाले व्यायाम कराए गए। इससे मरीज को बिस्तर पर रहने से होने वाली जटिलताओं से बचाने के साथ शरीर की संवेदना वापस लाने में भी मदद मिली। करीब तीन महीने में मरीज चलने-फिरने लगा।
बाईपास सर्जरी के बाद सांस लेने में मिली राहत
कार्डियोलॉजी विभाग में बाईपास सर्जरी के बाद 58 वर्षीय मरीज को सीने में जकड़न और सांस फूलने की समस्या थी। चिकित्सकों ने सर्जरी के बाद ही फिजियोथेरेपी शुरू कराई। मरीज को छाती संबंधी व्यायाम और नियंत्रित तरीके से सांस लेने का अभ्यास कराया गया। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार हुआ और मरीज के अस्पताल में रहने की अवधि भी कम हुई।
कैंसर सर्जरी के बाद हाथ की सूजन हुई दूर
जेके कैंसर संस्थान में स्तन कैंसर की जटिल सर्जरी के बाद एक महिला के हाथ में काफी सूजन और जकड़न हो गई थी। विशेषज्ञों ने विशेष मालिश और हाथ-पैर के व्यायाम की तकनीक अपनाई। कुछ सप्ताह के नियमित अभ्यास से हाथ की सूजन दूर हो गई और जोड़ों की गतिविधि भी सामान्य हो गई। अब महिला बिना किसी की मदद के अपने रोजमर्रा के काम कर रही हैं।
सर्जरी के बाद जल्द शुरू हो फिजियोथेरेपी
चिकित्सकों के अनुसार सर्जरी के बाद मरीज को लंबे समय तक बिस्तर पर रखने के बजाय उसकी स्थिति के अनुसार जल्द ही हल्की गतिविधियां और फिजियोथेरेपी शुरू करना लाभकारी होता है। इससे शरीर में जकड़न, कमजोरी और अन्य जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। हालांकि व्यायाम और मरीज को चलाने-फिराने का समय उसकी बीमारी और सर्जरी के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
कानपुर के प्रमुख अस्पतालों में मस्तिष्क, हृदय और कैंसर की जटिल सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी मरीजों को दोबारा आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर उपचार और नियमित व्यायाम से मरीज तेजी से स्वस्थ होकर अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं।

