नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों और उनके राज्यवार बंटवारे को अगले 25 वर्षों तक यथावत रखने की मांग की है, ताकि पर्याप्त चर्चा के बिना इसमें बदलाव लागू न किया जाए।

खरगे ने गुरुवार को लिखे पत्र में कहा कि परिसीमन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसलिए राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों को प्रस्तावों का विस्तार से अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अपनी 16 जुलाई 2026 की पिछली अपील का भी जिक्र किया। खरगे ने कहा कि उन्होंने तब भी प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने और परिसीमन से जुड़े सरकार के प्रस्तावों पर सभी दलों के साथ चर्चा करने का अनुरोध किया था।

543 लोकसभा सीटें 25 साल तक यथावत रखने की मांग

खरगे ने कांग्रेस का रुख दोहराते हुए कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या और राज्यों के बीच सीटों का वर्तमान बंटवारा अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के हिसाब से लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या में जल्दबाजी में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जाए।

सभी दलों को अध्ययन का पर्याप्त समय मिले

खरगे ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के हालिया बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के संकेतों के बीच सरकार को आगे बढ़ने से पहले सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलानी चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि परिसीमन यानी लोकसभा सीटों के नए बंटवारे से जुड़े प्रस्तावों पर सभी दलों और राज्य सरकारों को विस्तार से अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

खरगे ने चेतावनी दी कि बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के परिसीमन संबंधी प्रस्तावों को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से 16 और 17 अप्रैल 2026 को की गई कोशिशों की तरह इस बार भी जल्दबाजी में प्रक्रिया लागू करने का प्रयास नहीं करने की अपील की।