वित्त मंत्री ने जनसांख्यिकीय लाभांश और आर्थिक वृद्धि पर दिया जोर, विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को दोहराया
नई दिल्ली, एजेंसी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश और आर्थिक वृद्धि पर चर्चा की। उन्होंने ‘नकारात्मक सोच’ रखने वालों पर निशाना साधते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर जोर दिया।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में वित्त मंत्री ने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और युवा शक्ति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत वास्तविक समय में अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का अनुभव कर रहा है। देश डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में दुनिया में अग्रणी है। यूपीआई के जरिये अरबों लेन-देन हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।
संदेहवादियों पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने विपक्षी दलों पर भी करारा तंज कसा। उन्होंने संदेहवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जनसांख्यिकीय लाभांश को हमेशा निराशा भरी नजरों से देखते हैं।
प्रधानमंत्री की ओर से इस्तेमाल किए गए ‘नकारात्मक सोच’ जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत की आगे बढ़ने की गति और युवाओं की क्षमताओं पर संदेह करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उनके पास ऐसा करने के लिए कारण कभी कम नहीं पड़ते।
सीतारमण ने कहा कि ऐसे लोग टेलीविजन स्टूडियो में बहस करते हुए समय बिताते हैं और उनका सवाल रहता है कि क्या भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश हाथ से निकल गया है या देश पर बोझ बन गया है।


