वेल्डिंग के दौरान लगी आग, 30 फीट नीचे गिरे श्रमिक; हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन फरार
कानपुर देहात। रनियां औद्योगिक क्षेत्र के तिर्जहा गांव में पुराने टायर गलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया। फैक्ट्री के स्टोरेज टैंक में वेल्डिंग के दौरान अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके की चपेट में आकर टैंक के ऊपर काम कर रहे दो मजदूर करीब 30 फीट नीचे जा गिरे और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर कर्मचारी और फैक्ट्री प्रबंधन मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने पांच टैंकरों की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पूरी तरह आग बुझाने में करीब एक घंटे का समय लगा।
पहचान कराने में जुटी पुलिस
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी। पुलिस को मौके से एक मजदूर के पास जालौन जिले के कालपी निवासी रियाज (45) का आधार कार्ड मिला है। दूसरे मजदूर के पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस जालौन पुलिस की मदद से मृतकों के परिजनों का पता लगाने और उनकी पहचान कराने में जुटी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों मजदूर फैक्ट्री के नियमित कर्मचारी नहीं थे। वे समय-समय पर फैक्ट्री में रखरखाव का काम करने आते थे।
कई दमकल वाहन मौके पर पहुंचे
आग की सूचना मिलते ही माती फायर स्टेशन से तीन और भोगनीपुर से एक दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। कानपुर से भी एक फायर टैंकर बुलाया गया। टैंक पर लगातार फोम बेस का इस्तेमाल कर आग बुझाई गई। पुलिस और दमकल टीम ने पूरे फैक्ट्री परिसर की जांच की।
परिसर में खड़े थे तेल से जुड़े टैंकर
फैक्ट्री परिसर में टायर ऑयल लोड करने के लिए तीन टैंकर खड़े थे। आग लगने के समय इन्हें हटाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और यह दूसरे हिस्सों तक नहीं फैल सकी।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय समेत पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतकों के शवों को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी भेज दिया गया है।
घटना के कारणों की जांच शुरू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि टायर ऑयल के स्टोरेज टैंक में वेल्डिंग के दौरान आग लगने की जानकारी मिली है। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पा लिया गया था। घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने भी फैक्ट्री परिसर की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। हादसे के समय फैक्ट्री में कितने श्रमिक मौजूद थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
