मुंबई, एजेंसी। संजय राउत ने चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव में फैसले होने से लोकतंत्र प्रभावित होगा। आयोग ने आगामी उपचुनावों तक दोनों गुटों को अलग नाम और प्रतीक चुनने को कहा है।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग दबाव में आकर फैसले सुना रहा है, तो देश में लोकतंत्र गंभीर खतरे में है।
राउत ने यह तीखी प्रतिक्रिया चुनाव आयोग की ओर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का नाम और चुनाव चिह्न जब्त (फ्रीज) करने के फैसले के बाद दी। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने जोर देकर कहा कि टीएमसी पूरी तरह से पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर टीएमसी में फूट डालने की साजिश रचने का आरोप लगाया। राउत ने कहा कि ममता बनर्जी ने ही इस पार्टी की स्थापना की थी और इसकी नीतियां तय की थीं। उन्होंने ही सभी विधायकों और सांसदों को चुनाव का टिकट दिया था।

