नई दिल्ली, एजेंसी। चीनी की खुदरा कीमतों में 37 प्रतिशत के भारी उछाल के बाद सरकार ने डीलरों और थोक विक्रेताओं के लिए स्टॉक लिमिट घटाकर आधी कर दी है। सरकार का यह फैसला बाजार में जमाखोरी रोकने और चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने चीनी की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के कड़े रुख के बीच चीनी के डीलरों और थोक विक्रेताओं के लिए स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा को सीधे आधा कर दिया गया है।
देशभर में चीनी की खुदरा कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.28 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 46.02 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह, थोक कीमतों में भी साल-दर-साल 36.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह 58.40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
बेकाबू महंगाई को रोकने के लिए सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। सरकार को उम्मीद है कि स्टॉक लिमिट घटाने से बाजार में जमाखोरी पर रोक लगेगी और आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकती है।
