केंद्रीय मंत्री का दावा—राजमार्गों की गुणवत्ता से समझौता नहीं; फिलहाल एथेनॉल मिश्रण 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने की योजना नहीं
नई दिल्ली।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी ई20 ईंधन के विरोध को कथित तौर पर चलाया गया ‘पेड कैंपेन’ बताया है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण से जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
गडकरी ने राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, हाल में 700 से 800 राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और अगले दो वर्षों में राजमार्गों की स्थिति बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
इस बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की मौजूदा 20 प्रतिशत सीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने जैव ईंधन से संबंधित गलत जानकारी फैलने पर भी चिंता जताई।
ई20 ईंधन को लेकर बहस में वाहन अनुकूलता, ईंधन दक्षता, उत्सर्जन और उपभोक्ताओं की लागत जैसे पहलू महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को किसी भी दावे पर राय बनाने से पहले आधिकारिक तकनीकी जानकारी और वाहन निर्माता के निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।


