रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष कमांडरों से रणनीतिक तैयारी को नए स्तर पर ले जाने का किया आह्वान
नई दिल्ली। एजेंसी।
भारतीय नौसेना की ताकत में इस वर्ष बड़ा इजाफा होने जा रहा है। नौसेना के बेड़े में 18 नए युद्धपोत शामिल किए जाएंगे। इनमें से कुछ पोतों का निर्माण देश में किया जा रहा है और भविष्य में भारतीय नौसैनिक जहाजों के निर्यात को भी बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
नौसेना कमांडर सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष नौसैनिक कमांडरों को बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच अपनी रणनीतिक तैयारियों को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के सामने उभरती चुनौतियों को देखते हुए सैन्य तैयारियों में लगातार बदलाव और आधुनिक तकनीक का समावेश जरूरी है।
संकट की दहलीज तक पहुंचने से पहले तैयारी जरूरी
रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी संभावित संकट के गंभीर रूप लेने से पहले ही उससे निपटने की तैयारी पूरी होनी चाहिए। उन्होंने नौसेना के कमांडरों से रणनीतिक दृष्टिकोण को और व्यापक बनाने तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप योजनाओं को लगातार अपडेट करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक रणनीतियों के साथ आधुनिक तकनीक और नई क्षमताओं को अपनाना आवश्यक है।
स्वदेशी निर्माण पर जोर
नौसेना में शामिल होने वाले नए युद्धपोतों के जरिए स्वदेशी रक्षा निर्माण को भी गति मिलने की उम्मीद है। देश में युद्धपोतों के निर्माण से भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमता बढ़ने के साथ नौसेना को आधुनिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
भारत की समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए नौसेना के बेड़े के आधुनिकीकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नए युद्धपोतों के शामिल होने से समुद्री क्षेत्र में निगरानी और परिचालन क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री ने कमांडरों से भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने और नौसेना की तैयारियों को लगातार उच्च स्तर पर बनाए रखने का आह्वान किया।
