मॉस्को/नई दिल्ली, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस की राजधानी मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश उन्हें सौंपा। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा हुई। जयशंकर ने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने का जिक्र किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खास संदेश दिया। जयशंकर ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं देकर अपनी बात शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने आपको देने के लिए मुझे एक व्यक्तिगत संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं।”
उन्होंने कहा, “हमने अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर हमारे पास आपको बताने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है।” जयशंकर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और अन्य क्षेत्रों में भी काफी प्रगति हुई है। मुझे इन सभी विषयों पर विस्तार से बात करने में खुशी होगी।”
एस जयशंकर ने कहा, “कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग काफी तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में आपसे मिलने और फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इसके बाद उचित समय पर, आप दोनों की सुविधा के अनुसार वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसलिए, हमारे पास सहयोग की एक बहुत मजबूत तस्वीर पेश करने के लिए है।”
विदेश मंत्री रूस के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। एस जयशंकर ने आज मॉस्को में भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता की। उन्होंने रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ बैठक की सह-अध्यक्षता की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस साझेदारी की भी समीक्षा की।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 12-13 सितंबर को ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आने की उम्मीद है। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत और रूस आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।


