पीएम मोदी और पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा, तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में भारत-पोलैंड संबंधों की समीक्षा करते हुए व्यापार, रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और निवेश समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने सालाना द्विपक्षीय व्यापार को लगभग छह अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वर्ष 2010 के बाद पोलैंड के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। उनके साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। टस्क नई दिल्ली में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में भाग लेने के बाद 23 अक्टूबर को बेंगलुरु जाएंगे, जहां वे सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टस्क का स्वागत करते हुए वर्ष 2024 में अपनी पोलैंड यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। पिछले दो वर्षों में इस साझेदारी को नई गति मिली है और अब दोनों देश सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं।
मोदी ने कहा कि भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता ने पोलैंड के साथ सहयोग की नई संभावनाएं पैदा की हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भी व्यापार और निवेश के अवसर व्यापक हो सकते हैं।
रक्षा, तकनीक और अंतरिक्ष में सहयोग
दोनों नेताओं ने रक्षा उत्पादन, उभरती तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कारोबारियों के बीच साझेदारी मजबूत करने और दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
पोलैंड के पूर्व राजदूत एडम बुराकोव्स्की के अनुसार, दोनों देशों का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को लगभग छह अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाना है। भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्वितीय विश्व युद्ध की ऐतिहासिक मित्रता का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता की साझा विरासत पर आधारित है।
उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के शाही परिवारों की ओर से पोलैंड के बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिए जाने की ऐतिहासिक घटना को याद किया। मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
भारत और पोलैंड के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी साझेदारी को नई दिशा दे सकता है। दोनों देशों की वार्ता को द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
