लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच नया घमासान छिड़ गया है। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सीएमएस पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत की है। उन्होंने संस्थान के निदेशक को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
इस बीच गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना भी शुरू कर दिया गया। पत्र में यह भी कहा गया है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक नियमों के तहत काम नहीं शुरू होता है। पत्र में पूर्व अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने लिखा है कि उनके काम की समीक्षा की जाती है, जबकि कई काम यहां नियमों को अनदेखा करके किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सीनियर डॉक्टर यहां मरीज देखते हैं और जूनियर डॉक्टर प्रशासनिक कार्य करते हैं।
पूर्व अध्यक्ष ने लिखा है कि जब तक सभी की ड्यूटी नियमानुसार नहीं लगती और नियमानुसार पद नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। अभी कुछ दिन पहले ही एसजीपीजीआई में डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर के बीच विवाद का मामला प्रकाश में आया था। नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले जुटे नर्सिंग ऑफिसरों ने प्रदर्शन भी किया था।
