बांदा, (यूएनएस)। बांदा में दो महीने पहले रेलवे स्टेशन में तत्काल टिकट कराने गए अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के मामले में न्यायालय के आदेश पर एक रेल कर्मी, जीआरपी के दो कांस्टेबल और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड शंभूनगर निवासी अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद वर्मा

: 31 मई की रात 11 बजे

रेलवे स्टेशन, टिकट काउंटर

  • अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने तत्काल टिकट के लिए टोकन लिया था और उनका पहला नंबर था। उनके बहन-बहनोई काउंटर के पास ही बैठे थे।
  • इस दौरान रेल कर्मी धीरेंद्र कुमार यादव आया और उसने टोकन का कागज मांगा। कागज लेकर उसने पेन से कुछ बदलने का प्रयास किया।
  • जब अधिवक्ता ने इसका विरोध किया तो धीरेंद्र ने अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी और उसके बाद उसके परिचित 6-7 लोग और आ गए। अधिवक्ता को पकड़कर प्लेटफार्म नंबर एक के अंदर ले गए और उसकी जेब में पड़े 2500 रुपये छीन लिए।
  • अधिवक्ता ने जीआरपी थाने में शिकायत की, लेकिन जीआरपी के सिपाही विनोद और कामता सहित सादा कपड़ों में पुलिस कर्मियों ने उसके साथ मारपीट कर दी। थाने में उसे छोड़ने के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे गए, न देने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। अधिवक्ता के बहन और बहनोई से भी अभद्रता की गई।
  • जीआरपी में सुनवाई नहीं होने पर अधिवक्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार की देर शाम जीआरपी थाने में आरोपी रेल कर्मी, दो सिपाही और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूट, रंगदारी और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना सीओ जीआरपी झांसी नईम खां मंसूरी कर रहे हैं।