कहा- ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी और 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शामिल सभी नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 2006 में जब ब्रिक्स समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें महज चार देश शामिल थे। आज ब्रिक्स और उसके सहयोगी देशों को मिलाकर यह 21 देशों का परिवार बन चुका है।
दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और वैश्विक व्यापार के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मोदी ने कहा कि इन वर्षों में जहां वैश्विक जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है। दूसरे शब्दों में, ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी गति से बढ़ी है।
नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्र बन रहे ब्रिक्स देश
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभर रहे हैं। जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक, नवाचार की नई संभावनाएं सदस्य देशों में आकार ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता आकार, गति और आशावाद सदस्य देशों के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। भारत में आयोजित यह मंच अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
पुतिन बोले- आपसी कारोबार बढ़ाना लक्ष्य
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि ब्रिक्स देशों के आपसी संबंध मजबूत हो रहे हैं और आपसी कारोबार को बढ़ावा देना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच दुनिया का करीब 40 प्रतिशत व्यापार होता है।
पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स के जरिये मौजूदा चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने भारत की आईटी कंपनियों की प्रगति का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, जीडीपी के मामले में ब्रिक्स जी-7 से आगे निकल चुका है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश प्रतिस्पर्धा करने से डरते हैं और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद देश आगे बढ़ा है। दुनिया में गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलाव हो रहे हैं।
वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हो रहे गहरे बदलाव
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में गहरे बदलाव हो रहे हैं। इसके पीछे ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं की दशकों से जारी निरंतर वृद्धि प्रमुख कारण है।
उन्होंने कहा कि 1960 के दशक से अब तक वैश्विक जीडीपी में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। आज ब्रिक्स देश दुनिया के आर्थिक उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत का योगदान देते हैं।
विएरा ने कहा कि हालिया विस्तार के बाद ब्रिक्स ने खुद को दुनिया की कुछ सबसे गतिशील और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाले मंच के रूप में मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था संरक्षणवाद, आर्थिक दबाव और एकतरफा प्रतिबंधों से खतरे में है, उत्पादन क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।

