अयोध्या, संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या के जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की।
अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रदेश की दो लाख 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को लगातार सम्मान दे रही है।
पहले तीन हजार था मानदेय
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार प्रदेश में आई थी, उस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे बढ़ाकर आठ हजार रुपये किया और अब इसमें फिर से बढ़ोतरी करते हुए 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय पहले 1500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर चार हजार रुपये किया गया था। अब इसे बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
हर साल पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए हर वर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की भी घोषणा की। इस सुविधा का लाभ कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवारों को मिलेगा। गंभीर बीमारी या इलाज की जरूरत पड़ने पर इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की दो लाख 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी की व्यवस्था भी की। इसके लिए 500 रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम के दौरान करीब 29 करोड़ रुपये की राशि खातों में हस्तांतरित की गई।
कोरोना काल में सेवाओं को किया याद
योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान इन कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना गांव-गांव पहुंचकर लोगों की सेवा की और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हितों और सुविधाओं को लेकर लगातार काम कर रही है। मानदेय में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाओं से उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।

