लखनऊ, संवाददाता। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बड़े दोषियों को बचाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रभु श्रीराम का धन चुराने वालों को जनता इस बार चुनाव में सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने “रामधन” की चोरी की है, उन्हें भगवान श्रीराम अब जीतने नहीं देंगे।
लखनऊ में आयोजित ‘ब्राह्मण सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) में ‘पीड़ित पंडित’ को शामिल करने की बात कही और ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कृष्ण-सुदामा की दोस्ती का उदाहरण देते हुए सपा के सामाजिक समीकरण और सम्मान के वादे को दोहराया, जो आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा है।
सपा प्रमुख ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। इनमें अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, कानून-व्यवस्था, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाएं और सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का कार्यकाल भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलताओं और जनता के भरोसे में कमी से भरा रहा है।
जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में दिए गए दान में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र से जुड़े कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिलने के कारण सपा कार्यालय में आयोजन करना पड़ा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चढ़ावा चोरी मामले में छोटे कर्मचारियों को पकड़ रही है और बड़े लोगों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि दान पात्र के ऊपर ताला लगा है, लेकिन नीचे से सुरंग बनाई गई है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने बड़ा पाप किया है और प्रभु श्रीराम के चढ़ावे तक को नहीं छोड़ा।
उन्होंने दोहराया कि जिन लोगों ने ‘रामधन’ की चोरी की है, उन्हें जनता आने वाले चुनाव में जवाब देगी।

