नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई, 2026 को नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए नेताओं से मुलाकात कर संसद की गरिमा, जनसेवा और युवाओं से प्रभावी जुड़ाव को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सांसदों को प्रतिदिन संसद पुस्तकालय में समय बिताने और अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ‘सांसद खेल योजना’ को सक्रिय रूप से लागू करने की सलाह दी, ताकि जनसेवा के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद स्थापित हो सके।
प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी के 37 नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों और हाल ही में पार्टी में शामिल हुए नेताओं के साथ नाश्ते पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया और युवाओं से प्रभावी ढंग से जुड़ने के तरीकों पर विशेष जोर दिया।
बैठक में वे सांसद भी शामिल थे, जो हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जैसी पार्टियों को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की नियमित संवाद श्रृंखला का हिस्सा थी।
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बैठक को बेहद प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने दशकों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद की कार्यवाही को गंभीरता से लेने पर जोर दिया और सांसदों को प्रतिदिन कम से कम एक से दो घंटे संसद पुस्तकालय में अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने सांसदों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ‘सांसद खेल योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी अपील की।
युवाओं से जुड़ाव के विषय पर भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि आज की युवा पीढ़ी से बेहतर तरीके से कैसे जुड़ा जाए। इस पर प्रधानमंत्री ने सलाह दी, “युवाओं की बात ध्यान से सुनें, उन्हें समझें और उनसे विनम्रता से संवाद करें।” मित्तल ने कहा कि यह बैठक बेहद उपयोगी रही, जिसमें व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर मार्गदर्शन मिला।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों की बात धैर्यपूर्वक सुनी और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यह संवाद सभी के लिए सीखने का अवसर था।
बैठक में हाल ही में आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों के अलावा एनडीए से जुड़े सांसद, भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, तरुण चुघ और विनोद तावड़े भी मौजूद रहे।
संसद सत्र के दौरान भाजपा सांसदों के विभिन्न समूहों से प्रधानमंत्री की नियमित बैठकों का उद्देश्य संवाद को मजबूत करना, अनुभव साझा करना और जनप्रतिनिधियों को संसदीय कार्यों तथा जनसेवा के प्रति अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन देना है।


