श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश करेगी। एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि वह जांच के निष्कर्ष सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपे। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रशासन और दान की गणना एवं प्रबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने जांच पूरी करने और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अतिरिक्त समय मांगा है, क्योंकि कथित वित्तीय अनियमितताओं के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को गठित तीन सदस्यीय एसआईटी को पहले 15 दिन का समय दिया था, जिसे बाद में 15 दिन और बढ़ा दिया गया। 22 जुलाई को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें एसआईटी की रिपोर्ट पर चर्चा होने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिपोर्ट का इंतजार होने की पुष्टि की, लेकिन आधिकारिक रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत होने से पहले कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। फिलहाल जांच जारी है और अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

