रामकथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा- किसानों, युवाओं, व्यापारियों और बेटियों को समान अवसर देना ही रामराज्य की संकल्पना

आज का चौपाल | जिला संवाददाता

पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र में आयोजित रामकथा के समापन समारोह में कहा कि रामराज्य ऐसी व्यवस्था का प्रतीक है, जहां भेदभाव और तुष्टीकरण के बजाय समाज के प्रत्येक वर्ग को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, व्यापारियों और बेटियों सहित समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देना ही रामराज्य की वास्तविक संकल्पना है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में दंगों और अराजकता की स्थिति थी, जबकि आज सुरक्षा का वातावरण है। उन्होंने कहा कि रामराज्य केवल धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसी के साथ भेदभाव न हो और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले।

संतों का सानिध्य समाज को सकारात्मक दिशा देता है

बीसलपुर के ग्राम नूरानपुर स्थित गोरक्षपीठ आश्रम के शिव मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ पर विराजमान कथाव्यास संत अंजलि शरण का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने देविपाटन के मिथिलेश महाराज, हनुमानगढ़ी के राजू दास सहित मंच पर उपस्थित अन्य संतों को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इतने संतों का एक साथ आगमन किसी महाकुंभ से कम नहीं है। संतों का सानिध्य समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रामकथा और धार्मिक आयोजनों को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।

500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में राम मंदिर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष चला। एक समय था जब रामभक्तों को अयोध्या जाने से रोका जाता था। उन्होंने दो नवंबर को रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। सड़कें बदहाल थीं और आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं थे। आज अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अयोध्या सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ चुकी है तथा वहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुविधा भी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि आज प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं। पहले जहां अव्यवस्था और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर रहे हैं।

छह नवंबर को अयोध्या में होगा दीपोत्सव

मुख्यमंत्री ने बताया कि छह नवंबर को छोटी दीपावली के अवसर पर अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रभु श्रीराम के आगमन की स्मृति में जलने वाला प्रत्येक दीप केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को प्रकाशित करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक ऊर्जा देश के विकास में भी योगदान दे रही है। भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता है। यहां अलग-अलग भाषाएं, वेशभूषा और खानपान होने के बावजूद सभी एक सूत्र में बंधे हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत और रामकथा की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि फसल कटने के बाद गांव-गांव में रामलीला का आयोजन और अखंड रामायण पाठ हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकार रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के चरित्र को शब्दों में पिरोकर आने वाली पीढ़ियों को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा दी है।