न्यायालय ने दोनों पर लगाया पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
चौपाल संवाददाता
फतेहपुर। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को ढाई-ढाई वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 2005 में मुकदमा अपराध संख्या 363/2005 के तहत गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 में मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में बिलंदपुर निवासी जीत सिंह और ज्ञान सिंह पुत्रगण गंगाराम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर न्यायालय में विचारण के लिए भेजा गया था।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों से 28 अक्टूबर 2026 को एएसजे-03 गैंगस्टर कोर्ट ने जीत सिंह और ज्ञान सिंह को गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत दोषसिद्ध करार दिया।
न्यायालय ने दोनों दोषियों को ढाई-ढाई वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले में मामले की नियमित निगरानी और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस प्रकरण में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक कुंवर बहादुर सिंह, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह और विवेक कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, न्यायालय में पैरवी के लिए कोर्ट पैरोकार मुख्य आरक्षी सुल्तान पटेल, कोर्ट मुहर्रिर मुख्य आरक्षी संदीप सिंह तथा अभियोजक एपीओ आलोक तिवारी का योगदान रहा।
पुलिस विभाग ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामलों की प्रभावी पैरवी कर न्यायालय से दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

